Jan 16, 2014

एक स्वप्न इण्डिया गेट

एक स्वप्न इण्डिया गेट
मद से भरी आँखों का।
 बुढ़िया के बाल खाते बच्चे
मेंहदी लगवाते युवतियां
एक-दुसरे से सट -सट  कर चलते
हवा के साथ टूट कर बिखरती हंसी के साथ
……… प्रेमी जोड़े।

एक अहसास: इंडिया गेट.-
धुप में अलसायी घास,
वैजयंती के इठलाते पीले फूल
और मचलती भावनाओं के साथ -
सुगबुगाते बच्चे और कबूतर …

एक जूनून: इंडिया गेट--
परेड करते सैनिकों के क़दमों की आहट  में,
अँधेरी झाड़ियों में प्रेमिका कि नजदीकियों में का भ्रम लिए प्रेमी
इधर उधर हवा में हाथ भांजते पैसे मांगते हिजड़ों का झुण्ड,
फोटोग्राफी करा लो चिल्लाते लड़के
टूरिस्टों पर झपकते हैं,
दूर कहीं चिल्लाता है आटोरिक्शा वाला.....
बीस रूपये में इण्डिया गेट-इण्डिया गेट। ……

3 comments:

Brajendra said...

Wah !! badhiya hai !! bahut hi badhiyan hai !!

pushker said...

भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति

vat69 said...

अति-उत्तम

जैसे भिन्‍न भिन्‍न अवधिओं की छविओं को शब्दों में तराश दिया हो आपने