breathing space

दीवार के दूसरी तरफ वो खड़ा था अपनी शिकायतें लेकर
ये दूरी उसका ब्रीदिंग स्पेस थी 
जो मेरे लिए अय्याशी हो जाती है
उसकी निजी स्वतंत्रता उसका सुरक्षित कवच का 
मगर मेरे जिंदगी में कुछ भी रहस्यमय होना उसे डरा देता
उसके हिसाब से मेरे लिए क्या अच्छा होगा क्या बुरा 
ये तय करना उसकी जिम्मेदारी थी
मेरा खुद से कुछ तय करना, सोचना ओर आगे बढ़ जाना
बिल्कुल ही गैर जिम्मेदाराना है यार
आखिर मैं सुधरती क्यों नहीं
वो तो सिर्फ अपनी परिधियों को अलग कर रहा था 
ताकि तमाम उससे जुड़े लोग सहज रह सके
ओर मैं उसका वो आवरण जहां वो क्षणिक रूप में घर महसूस कर सके
जिसकी जरूरत सिर्फ बहुत बहुत थक जाने के बाद होती

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