बेतकल्लुफ

 चलो हटो घटा नभ की मुलाकातों का जिक्र बहुत हो गया
 फूल भी चुन लिए तुमने गुलाबों का हिसाब भी बहुत हो गया
अब दाल बनाते हैं तुम जरा तड़के का इंतजाम करो
ये इश्क़ नहीं रोजमर्रा की जिंदगी है चलो ऑफिस जाओ ओर काम करो

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