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उसे प्यार नही था कभी

उसे प्यार नही था कभी बस यूं ही खयाल रखता था कि भीड़ में चलते वक्त अनायास ही  उसके हाथ मेरे कंधों को बचाने आ जाते पीछे  उसे वफा और इश्क की बातें फिज़ूल लगती थीं पर घंटो चाय की दुकान के पास  सिर्फ इसलिए बैठता था  कि मैंने कहा स्वाद चाय में नही आसंग में होता है वादों और सपनो की उलझन से  वो  हमेशा भाग निकलता था  फिर भी इस बात पे लड़ता था कि  हमने उसे क्यों नहीं बुलाया  कुछ ऐसी अलग अलग ज़िद भी होती हैं वादों से चिढ़ते हैं लोग और जाने क्यों साथ निभाए जाते हैं...

बीच के खाली पन्ने

बीच के खाली पन्ने  ये जो डायरी तुम्हारे लिए लिखी गई थी बीच के खाली पन्ने बहुत से जो खाली रह गए हैं इस डायरी के उन्हे तुम खुद भर लेना उनका खालीपन हाथ की ओट से ढक देना या कुछ ऐसा कर देना  कि बिना लिखे ही उनके कुछ मायने हो जाएं या उनके रीतेपन में ही कुछ ढूंढ लेना तुम जिंदगी में भी तो बहुत बार ऐसा होता है खाली कागज का खालीपन  कभी कभी अचानक बोलने लगता है  और होठों की खामोशी  आंखों से तूफान बरसाने लगती है 

सौगात

वे आए मेरे पास फूलों की सौगात लेकर ये उनकी आदत है । मुस्कराते हैं वो  मुस्कराहट देते हुए  ये उनकी आदत है। वो जो फूल सजा जाते हैं  उनके नीचे हम कांटे छुपा देते हैं ये हमारी आदत है । हम कांटो सा चुभ जाते हैं कसक कर उनको भी रुला जाते हैं ये हमारी आदत है।

ओस की बूंद

मैं रो रही थी वह आया  सामने खड़ा हो गया मैं नजर उठाए  एक और बूंद गिरी होगी शायद मुस्कराने से पहले उसने देखा और ओस की बूंद के साथ गायब हो गया
इतना प्यार मत देना कि दिल सम्हाल न पाए  खिलती कलियों को गम का एक झोंका उजाड़ न बना जाए  और बारिश की हर बूंद छलक कर  तुम्हारी तस्वीर न बन जाए

It's for you naughty

When you feel too sad Hey look at me how boring you are When you feel you are about to cry Uff you nose is running ha ha When you feel you are alone Pretend we were playing I SPY When you feel you have someone around you Stupid, that's not me rather a street cow behind your ass ha ha Now I guess you are too angry Come on boy cheer up as You look like a...ha ha.. can't say the next word ha ha because you look like ha ha (wrote when i was in class 10)

स्याह जिन्दगी

 कुछ दिन थे बाकी जिन्दगी के  आधे अधूरे सपनों की छांह समेटे  कुछ धुल थी उम्मीदों की  वक्त की मेज पर हौले हौले जमी सी  टूटे बिखरे कांच से  बिखरते सपनो के टुकड़ों से  अब स्याह हो गई है जिन्दगी स्याह हो गई है  हर कहानी  राख हो गए हैं अधूरे सपनेऔर कांच के टुकड़े साँसों की किरकिरी बन गए हैं